गुरु-शिष्य की अनोखी जोड़ी
स्वामी विवेकानंद यह ऑडियो बुक सरश्री की मूल आवाज में बनाई गई है। इसे सुनकर निश्चित ही आप गुरु-शिष्य के रिश्ते का महत्त्व समझ पाएँगे।
स्वामी विवेकानंद चेतना के शिखर हैं तो उनकी नींव का पत्थर हैं उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस। जब-जब स्वामी विवेकानंद को याद किया जाता है तो अनायास ही श्री रामकृष्ण परमहंस भी याद आते ही हैं। दोनों का रिश्ता गुरु-शिष्य संबंध की आदर्श मिसाल है।
इस ऑडियो बुक में स्वामी विवेकानंद और श्री रामकृष्ण परमहंस के जीवन की कुछ प्रेरक घटनाओं के अलावा एक-दूसरे के प्रति उनके प्रेम और आदर्शों को भी दर्शाया गया है। इसे सुनकर आप समझ सकते हैं कि कैसे गुरु अपने शिष्य को शिक्षा, प्रशिक्षण और कसौटी (टीचिंग, ट्रेनिंग एन्ड टेस्टिंग) के ज़रिए तराशता है। यह ऑडियो बुक आपको उस अनुभव से गुज़रने का मौका देगी, जहाँ गुरु और शिष्य 'दो शरीर और एक प्राण' बन जाते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें आप समझेंगे
* विवेकानंद के सवालाखी सवाल
* विवेकानंद का पहला समाधि अनुभव
* विवेकानंद का अपने गुरु के प्रति प्रेम
* मूर्तिपूजा रहस्य
* धर्म संसद में लोगों का प्रतिसाद
* अमेरिका में ज्ञानदान का कार्य
* विवेकानंद का युवाओं के लिए मार्गदर्शन