महान ऋवि अत्री सप्त ऋषियों मे से एक है। वे ब्रह्माजी के मानस पुत्र हैं। इनकी पत्नी का नाम अनसूया। अनसूया देवी कि तपस्या से खुश होकर ब्रह्मा-विष्णु-महेश्वर् जो त्रिमूर्ती भी कहलाते हैं, अनसूया के गर्भ से पुत्र रूप से जन्म लेते है। यह चन्द्र, दत्तात्रेय और दुर्वास के नाम से जाने जाते हैं। महा पतिव्रता नारी कहलानेवाली सुमति के श्राप से इस धरती का विलुप्त होने से रक्षा करनेवाली थी सती अनसूया श्री रामचन्द्रजी, माता सीता और लक्ष्मण के साथ वनवास काल में उनकी अश्रम् में पधारते हैं। अत्री और अनसूया दंपतियों का उपदेश और अशीर्वाद पाकर धन्य होजाते है।
- What's new?
- Always Available YA Audiobooks
- No wait, no problems
- Popular titles
- Check these out!
- See all audiobooks collections