कथा सारांश:-
2020 में घटित, काले धन को वैध बनाने का, एक संगीन मामला।
शुरूआत होती है, उपन्यास के उन खण्ड क्रमांकों से, जहां पर प्रथमतः वर्णन किया जाता है, उस देश चाइना का, जो पिछले दस सालों से प्लानिंग करता आ रहा था, एक ऐसे खुफिया प्लान की, जिसके तहत, वो पूरे एशिया में अपना व्यापारिक दबदबा बनाये रखना चाहता था, परन्तु उसे डर था, तो अपने उस प्रतिस्पर्धी देश भारत से, जिसे उसने रास्ते से हटाने के लिये, उस षड़यंत्र को अन्जाम देने की, कोशिश की, जिसके तहत उसने भारत के प्रति अंतर्राष्टीय कूटनीतिक, चाल चलते हुए, उसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने की, एक गहरी साजिश रची।
जिसके चलते उसने कई ऐसे अंतर्राष्टीय प्रोफेशनल हॉयर किये, जोकि अव्वल दर्जे के थे, उनमें से ही एक था, वो रहस्यप्रद इन्सान, जो भारतीय मूल का ही नागरिक था, जोकि इस पूरे ऑपरेशन को हैंडल कर रहा था।
जबकि वहीं चाइना ने भारत की, अर्थव्यवस्था को पूर्णता क्षतिग्रस्त करने और खुद को, सर्वोपरि रखने का, जो प्लान बनाया था, उसका तकनीकी प्रावधान भारत ने खोज निकाला था। जिसकी वजह से चाइना के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा था, ..और तभी यहीं से शुरुआत होती है एक घमासान आगाज, की जो भारतीय तकनीकी और उस इन्सान के बीच, जिसने चाइना, से यह कॉन्ट्रैक्ट लिया था।
कथानक में, जिक्रमंद एक अज्ञात व्यक्ति, जो अपनी भिन्न भिन्न पहचान के साथ, अब तक जीता आ रहा था, उसने बड़ी ही चतुराई के साथ एक रहस्मयी ढंग से, भारत में, घुसबैठ की, और निरन्तर उन भारतीय रोबोट्स, तथा कई अन्य मशीनों को, लगातार अचंभित करते हुए, उन हालातों में भी खुले तौर पर चुनौती देते हुए, उसने देश की दो नामचीन हस्तियों का कत्ल कर दिया, जबकी उन परिस्थितियों में भारत के किसी भी, नागरिक का, एक छोटा सा भी, गुनाह कर पाना नामुमकिन था, जहां चारों तरफ देश में, ए.आई. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दबदबा हो। वहां देश का गौरव समझे जाने वाले उन नामचीन हस्तियों की हत्या, जोकि अपने आप में एक चिंता का विषय था, देश की सुरक्षा प्रणाली और देशवासियों की सुरक्षा दोनों पर ही, जोकि किसी भी देश के लिए एक अहम मुद्दा हो सकता है, जहां के हालात दिन ब दिन बिगड़ते ही जा रहे हों।
..वह देश जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अर्थात लर्निंग मशीनों की गिरफ्त में था, वहां किसी की हत्या, जहां देश के प्रत्येक नागरिक की हर एक प्रतिक्रिया का रिकॉर्ड, उन मशीनों की मेमोरी में फिट होता था, वहां किसी की भी हत्या, वो भी इतनी आसानी से जोकि अपने आप में एक बड़ा सवाल है, जिसका जवाब शायद किसी के पास भी नहीं था, यहां तक की देश की सरकार के पास भी नहीं, क्योंकि जहां एक छोटे से भी क्राइम की भनक उन लर्निंग मशीनों को पहले ही, हो जाया करती थी, जिन्हें अपने काम में महारत हासिल थी, वो आज इतनी आसानी से अपने काम में विफल कैसे हो सकती हैं।
कहने का आशय यही है कि कहानी का वो एक किरदार जिसे चाइना द्वारा स्वयं के मंसूबे को पूरा करने के लिए उसे एक कॉन्ट्रैक्ट के तहत हायर किया गया अर्थात एक ऐसा चरित्र जिसके इर्दगिर्द मंडराती पूरी कहानी जिसमें चाइना ने उसे भारत के खिलाफ एक ऐसा कन्साइनमेंट सौंपा जिसके तहत भारत की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद किया जाना था, जिसके चलते उसने सर्वप्रथम देश के गर्वनर जरनल ऑफ इण्डिया, और आर.बी.आई. के चेयरमैन, जैसी नामचीन हस्तियों की हत्या की, लेकिन हर बार वो अपने मंसूबे को अन्जाम देने से पूर्व, उन ए.आई लर्निंग मशीनों को सचेत जरूर करता, तत्पश्चात वो अपने उन खतरनाक मंसूबों को अंजाम देता जिसके लिए, उसने चाइना के साथ मिलकर एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था।
..लेकिन, वे ए.आई मशीनें, उस तक नहीं पहुंच पा रही थीं, जिनके बूते पर, भारत पूरे देश के, नागरिकों को सुरक्षा मुहैया, कराने का दावा, किया करता था। इसी दौरान उसने उन दो बड़ी हस्तियों का कत्ल करने के बाद बिना सामने आये ही, उसका इल्जाम, उस इन्सान पर डालने में कामयाब रहा, जिसने सम्पूर्ण देश की, सुरक्षा का ठेका ले रख था। लेखक ने अपने गहन अध्ययन के तहत, इस कहानी को पूरी तरह से मनोरंजक, रहस्यमयी, और तकनीकी रूप से पेश करने की पूर्ण कोशिश की है, ताकि कहानी को एक थ्रिलर टच दिया जा सके और इसकी रोचकता को बढ़ाया जा सके, जिससे हमारे पाठक और दर्शक दोनों ही इसका लुफ़्त उठा पाएं।
कहानी अपने अंतिम पढ़ाव, प्रोजेक्ट ब्लै क मनी के, लागू...