"किताबें मनुष्य की सबसे सच्ची मित्र होती हैं," ये मंत्र, मेरे जीवन का मंत्र बन गया। जैसे जैसे मैं बड़ी हुई, मेरा पुस्तक प्रेम भी वैसे ही बढ़ता चला गया। मैं बचपन में बेहद हँसमुख व मिलनसार बच्ची थी। किताबों की संगति मुझे सदैव भाती थी। नोबेल पुरस्कार व बुकर पुरुस्कार के बारे में मैं हमेशा से जानकारी रखती थी। स्कूली शिक्षा खत्म होने से पहले ही मेरे पसंदीदा लेखकों की एक लंबी फेहरिस्त थी। मेरे पास एक खुद की एक छोटी लाइब्रेरी भी थी घर में। पढ़ने-लिखने का शौक, कब जुनून बन गया, पता ही न चला। मुझे खुशी है कि मैंने जिन लेखकों को पढ़ा, कभी उनकी लिखने की शैली की कभी नकल नहीं की। महान लेखकों का मेरे जीवन, मेरी विचारधारा में एक विशेष स्थान है। लिखने से मेरा भावनात्मक जुड़ाव है। लिख कर मैं खुद को व्यक्त करती हूँ। कविताएं मेरे दिल के बहुत करीब हैं। मेरी भगवान में, भाग्य में व कर्म में अटूट श्रद्धा है। मैं बेहद आशावादी हूँ। जीवन में आई मुश्किलें, हमें बेहतर इंसान बनाती हैं। समस्याओं का सामना, मैं एक योद्धा की तरह करती हूँ व उन पर विजय प्राप्त करती हूँ। अपनी लेखनी के माध्यम से मैं अपने सम्मानित पाठकों के साथ एक सफल जुड़ाव की कामना करती हूँ। इस काव्य संग्रह का आनंद लें आप सब।
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