कवि मित्रों और पाठकों! भारतीय युवाओं और विद्यार्थियों को मेरे खण्ड काव्यों का यह तृतीय काव्य खण्ड ' राष्ट्र - भाव ' पूर्ण रूप से समर्पित है। इस खण्ड काव्य में मैंने भारत के युवाओं की वर्तमान स्थिति को दर्शाने का पूर्ण प्रयास किया है।
यह खण्ड काव्य ' राष्ट्र - भाव ' जो विशेष रूप से युवाओं और छात्रों को चिन्हित करते हुए व्यक्त किया गया है मैं वह प्रस्तुत कर रहा हूं।
आप सभी काव्य प्रेमियों और पाठकों से मेरा निवेदन है कि जब भी आप इस काव्य का रंजन करें तब पूर्ण रूप से ही करें ; यह एक काव्य अभिव्यंजना है तो कृपया किसी पंक्ति का संकुचित रूप से अर्थ ना निकालें।
अंततः मैं आपकी ओर से की गई आलोचना और निर्देशों कि प्रतीक्षा करूंगा। इस इलेक्ट्रॉनिक युगीन...