ज़िन्दगी की दौड़ में हम सभी अनेक दौरों से गुज़रते हैं—कभी खुशियों के, कभी ग़मों के; कभी हँसी से भरे, तो कभी आँसुओं से भीगे; कभी खोने के, कभी पाने के; कभी कमाने के, कभी गँवाने के। यही उतार–चढ़ाव हमारे दिनों और रातों को आकार देते हैं। लेकिन इन्हीं सब के बीच, कभी–कभी ऐसा भी पल आता है जो हमें ठहरने पर मजबूर कर देता है।
वह पल हमें एहसास कराता है कि यही सुकून है, यही बंदगी है। लगता है मानो वक़्त थम गया हो और ज़िन्दगी ने एक नई करवट ले ली हो। उस पल में सब कुछ बदलता हुआ प्रतीत होता है—दिल धड़कनें तेज़ हो जाती हैं, ख़्वाब और हक़ीक़त एक हो जाते हैं। यही वह मोड़ होता है, जहाँ मोहब्बत अपनी पूरी मासूमियत और पूरे रंगों के साथ हमारे सामने खड़ी होती है।
कभी यह मोड़...