किताब के बारे में
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में, रिश्तों का वजूद खोता जा रहा है, कई ऐसी "अनकहीं बातें" है, जो हमारे मन में ही रह जाती हैं और हम अपनी भावनाएं अपने प्रियजनों को नहीं बता पातें हैं, ये "अनकहीं बातें", किस तरह रिश्तों को प्रभावित करती हैं, इस कहानी में यही दर्शाया गया है। साथ ही, ये एक औरत, जिसे हम बिना सोचे अबला का नाम दे देते हैं, कैसे मुश्किल समय में भी, हार नहीं मानती हैं, इसका साक्षात दर्शन इस कहानी में देखने को मिलता है।
लेखिका के बारे में
नेहा सिंह राजपूत ने मनोविज्ञान में स्नातक (बीए) और मनोविज्ञान में ही स्नातकोत्तर (एम.ए) की डिग्री प्राप्त की है, ये महिलाओं की सोच और समाज में बदलाव लाने का ज़ज़्बा रखती हैं, जो इनकी लेखनी में...